शहर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। एसडीएम नीरजा शर्मा की अगुवाई में शुरू किए गए अभियान के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में अवैध कब्जों को हटाया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती बरती जाएगी।
एसडीएम नीरजा शर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान कुछ ऐसे रेहड़ी-फड़ी संचालकों पर भी कार्रवाई की गई, जिनके पास मूवेबल रेहड़ी लगाने के लाइसेंस थे, लेकिन उन्होंने निर्धारित व्यवस्था के बजाय एक ही स्थान पर स्थायी रूप से कब्जा कर लिया था। अभियान के दौरान शुरुआत में ही दो-तीन अवैध कब्जे हटाए गए। प्रशासन की ओर से जेसीबी के माध्यम से अवैध ढांचे हटाने के साथ मौके पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाना एक निरंतर प्रक्रिया है। नियमित रूप से अभियान चलाने से लोगों में यह संदेश जाएगा कि सार्वजनिक स्थानों पर अवैध कब्जा करना कानूनन गलत है। उन्होंने व्यापारियों और रेहड़ी-फड़ी संचालकों से अपील की कि वे अपनी निर्धारित सीमा में रहकर ही कारोबार करें और सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण न करें।
पक्षपात के आरोपों को खारिज करते हुए एसडीएम ने कहा कि जिन सीढ़ियों, पिलरों और अन्य ढांचों को हटाया गया है, उनकी पहले पैमाइश की गई थी और पीले रंग से निशान लगाए गए थे। संबंधित लोगों को इन्हें स्वयं हटाने का समय भी दिया गया, लेकिन निर्धारित अवधि में कार्रवाई न होने पर प्रशासन को जेसीबी चलानी पड़ी।
उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर निशान लगाए गए हैं, वहां लोग 15 से 20 दिन अथवा एक माह के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटा लें। ऐसा नहीं करने पर आगामी अभियान के दौरान प्रशासन इन ढांचों को हटा देगा।
एसडीएम ने बताया कि रेहड़ी-फड़ी संचालकों के लाइसेंस और उनका पूरा रिकॉर्ड नगर निगम के स्तर पर रखा जाता है। नगर निगम से वेंडरों और परमिट का सही आंकड़ा मिलने पर कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जा सकेगा। भविष्य में अभियान को नियमित रखने के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाकर मासिक रोस्टर तैयार करने की योजना है। हालांकि वीआईपी ड्यूटी और चुनावी जिम्मेदारियों के कारण कई बार अभियान प्रभावित होता है।