सोलन मंडी में लहसुन और फ्रासबीन ने चमकाया किसानों का कारोबार, टमाटर-शिमला मिर्च के दामों ने बढ़ाई चिंता

सोलन मंडी में इस सीजन कृषि उत्पादों के कारोबार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कुछ फसलों ने किसानों को बेहतर आमदनी दी है, जबकि टमाटर और शिमला मिर्च के गिरते दामों ने उत्पादकों की चिंता बढ़ा दी है। एपीएमसी सोलन के चेयरमैन रोशन ठाकुर के अनुसार मंडी में लहसुन और फ्रासबीन का कारोबार किसानों के लिए उत्साहजनक रहा है।
मंडी में लहसुन और फ्रासबीन की अच्छी कीमत मिलने से किसानों को उनकी फसल का बेहतर रिटर्न प्राप्त हुआ। इन दोनों फसलों ने कारोबार के लिहाज से भी अच्छा प्रदर्शन किया है। इससे उन किसानों को राहत मिली है, जिन्होंने समय रहते इन फसलों का उत्पादन किया था। मंडी में इनकी मांग और कीमतों ने किसानों के लिए आय के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाए हैं।
इसके विपरीत टमाटर उत्पादकों को इस बार निराशा का सामना करना पड़ रहा है। मंडी में टमाटर के दाम लगातार कमजोर रहने के कारण किसानों के लिए उत्पादन लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। किसानों का कहना है कि खाद, दवाइयों, मजदूरी, पैकिंग और परिवहन पर होने वाले खर्च के मुकाबले उन्हें फसल का पर्याप्त मूल्य नहीं मिल रहा है।
शिमला मिर्च के दामों में गिरावट ने भी उत्पादकों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। अच्छी फसल तैयार होने के बावजूद अपेक्षित कीमत नहीं मिलने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि बाजार में आवक बढ़ने के साथ कीमतों में गिरावट आती है, जिसका सीधा असर उनकी आमदनी पर पड़ता है।
एपीएमसी चेयरमैन रोशन ठाकुर ने मंडी की स्थिति की जानकारी साझा करते हुए कहा कि विभिन्न फसलों के दाम में अंतर बाजार की मांग और आवक पर निर्भर करता है। किसानों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में टमाटर और शिमला मिर्च के भाव में सुधार होगा, जिससे उन्हें लागत की भरपाई में कुछ राहत मिल सके।

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