बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा की कार्यशैली के विरोध में सोलन जिला न्यायालय में अधिवक्ताओं ने हस्ताक्षर अभियान चलाया। अभियान के माध्यम से बीसीआई चेयरमैन को पद से हटाने की मांग की गई। वरिष्ठ अधिवक्ता मदन कश्यप ने आरोप लगाया कि चेयरमैन एडवोकेट्स एक्ट के प्रावधानों की अनदेखी कर मनमाने तरीके से कार्य कर रहे हैं।
मदन कश्यप ने कहा कि नालसार हैदराबाद लॉ यूनिवर्सिटी के छात्रों द्वारा दीक्षांत समारोह के बहिष्कार के मामले में बीसीआई की ओर से ऐसा प्रस्ताव पारित किया गया, जिसके तहत छात्रों के देशभर की बार काउंसिल में पंजीकरण पर रोक लगाने की बात कही गई। अधिवक्ताओं ने इसे नियमों के विपरीत बताया है।
कश्यप ने बीसीआई के वित्तीय प्रबंधन पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि चेयरमैन ने पिछले एक वर्ष के दौरान दौरों और अन्य खर्चों पर करीब 14 करोड़ रुपये खर्च किए। उन्होंने इन खर्चों को लेकर पारदर्शिता की मांग की। इसके अलावा उन्होंने गुरुग्राम बार एसोसिएशन के चुनाव से जुड़े एक मामले में भी बीसीआई की कार्यप्रणाली पर पक्षपात के आरोप लगाए।
अधिवक्ताओं ने कहा कि बीसीआई को वकीलों के हितों और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान नेतृत्व वकीलों के हितों के विपरीत कार्य कर रहा है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। देशभर में चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से बीसीआई चेयरमैन को हटाने और संस्था की स्वतंत्रता एवं गरिमा बनाए रखने की मांग उठाई जा रही है। BITE – मदन कश्यप अधिवक्ता डिस्ट्रिक्ट कोर्ट सोलन