राम बाजार स्थित सनातन धर्म मंदिर में सावन शिवरात्रि के अवसर पर पार्थेश्वर शिव का विशेष जलधारा अभिषेक किया गया। मंदिर के पुजारी विपिन भारद्वाज ने बताया कि मंदिर में पिछले 12 वर्षों से सावन के दौरान यह धार्मिक परंपरा श्रद्धा और विधि-विधान के साथ निभाई जा रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की।
पुजारी ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान निकले हलाहल विष को भगवान शिव ने अपने कंठ में धारण किया था। इसी मान्यता के चलते सावन माह में भगवान शिव को जल अर्पित करने की परंपरा है। जलधारा अभिषेक के माध्यम से श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना कर शांति और कल्याण की कामना करते हैं।
उन्होंने बताया कि मंदिर में सावन माह के दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। आगामी 17 अगस्त को नाग पंचमी और संक्रांति के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना होगी। इसके अलावा 24 अगस्त को भी विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से इन धार्मिक आयोजनों में भाग लेने और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने का आग्रह किया है। मंदिर में सावन के दौरान भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।