विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के मातृत्व वार्ड में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की माताओं को स्तनपान के महत्व और इससे होने वाले स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक ने कहा कि मां का दूध नवजात शिशु के लिए सबसे सुरक्षित, पौष्टिक और संपूर्ण आहार है।
डॉ. पाठक ने बताया कि शिशु के जन्म के तुरंत बाद, अधिकतम एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मां का पहला दूध (कोलोस्ट्रम) बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और उसे कई गंभीर बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा कि जन्म के बाद पहले छह महीने तक शिशु को केवल मां का दूध ही देना चाहिए। इस दौरान बच्चे को पानी या अन्य किसी खाद्य पदार्थ की आवश्यकता नहीं होती। मां का दूध बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत लाभकारी है।
डॉ. पाठक ने डिब्बाबंद कृत्रिम दूध के उपयोग से बचने की सलाह देते हुए कहा कि यह न केवल परिवार पर हर माह दो से चार हजार रुपये तक का अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालता है, बल्कि कई बार लोग इसे अधिक पानी मिलाकर तैयार करते हैं, जिससे बच्चे को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता और उसके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने सभी माताओं से अपील की कि वे अपने शिशु के बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए स्तनपान को प्राथमिकता दें। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने भी महिलाओं को स्तनपान की सही विधि और इससे जुड़ी आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी।
सोलन : मां का दूध नवजात के लिए सर्वोत्तम आहार, पहले घंटे में स्तनपान शुरू करने की सलाह: डॉ. अजय पाठक