नगर निगम सोलन द्वारा आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण पाने के लिए चलाया जा रहा डॉग स्टेरलाइजेशन अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। नगर निगम के एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) सेंटर में नसबंदी का कार्य नियमित रूप से जारी है, जिससे शहर में आवारा कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है।
पशुपालन विभाग के उप-निदेशक डॉ. विवेक लांबा ने बताया कि पिछले मंगलवार तक जिले में कुल 595 आवारा कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। अभियान को आगे बढ़ाने के लिए विभाग ने करीब 500 और कुत्तों की सर्जरी हेतु आवश्यक शल्य चिकित्सा सामग्री भी पहले ही उपलब्ध करवा दी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रत्येक सप्ताह 25 से 30 कुत्तों की नसबंदी की जा रही है।
डॉ. लांबा के अनुसार इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिले के विभिन्न पशु चिकित्सालयों से छह अनुभवी पशु चिकित्सकों की टीम तैनात की गई है। ये चिकित्सक नियमित रूप से एबीसी सेंटर में नसबंदी की प्रक्रिया को अंजाम दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय में बारिश और पंचायत चुनावों के चलते कुत्तों को पकड़ने के कार्य में बाधाएं आई थीं, जिससे अभियान की गति प्रभावित हुई। इसके अलावा नगर निगम के पास प्रशिक्षित डॉग कैचर्स की कमी भी एक बड़ी चुनौती थी। इस समस्या के समाधान के लिए नगर निगम ने आकांक्षा ट्रस्ट नामक गैर-सरकारी संगठन के साथ समझौता किया है।
समझौते के बाद कुत्तों को पकड़ने और उन्हें एबीसी सेंटर तक पहुंचाने की प्रक्रिया में तेजी आई है। अब नियमित रूप से आवारा कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी कराई जा रही है। डॉ. विवेक लांबा ने कहा कि सोलन में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एबीसी सेंटर और प्रशिक्षित स्टाफ उपलब्ध है, जिससे पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है।