पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने सोलन जिले के ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में सब्जियों और अन्य कृषि उत्पादों की ढुलाई करने वाले पिकअप चालक बढ़ती लागत और स्थिर किराये के कारण आर्थिक दबाव महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि स्थिति इसी तरह बनी रही तो इसका सीधा असर किसानों, व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
बलाना गांव के पिकअप चालक *जगमोहन* ने बताया कि वह प्रतिदिन गांवों से सब्जियां मंडियों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन माल ढुलाई के किराये में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। ऐसे में ट्रांसपोर्टरों को पुराने किराये पर ही काम करना पड़ रहा है, जिससे उनकी आय और खर्च के बीच का संतुलन बिगड़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती परिवहन लागत का असर अंततः किसानों पर पड़ेगा, क्योंकि उनकी उपज को बाजार तक पहुंचाने का खर्च बढ़ जाएगा।
वहीं, सगड़ा पंचायत के पिकअप चालक *दिलीप सिंह* ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतों ने ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को कठिन दौर में पहुंचा दिया है। उनका कहना है कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में पहले ही कामकाज प्रभावित है और ऐसे में ईंधन मूल्य वृद्धि ने परेशानी को और बढ़ा दिया है। यदि यही स्थिति बनी रही तो आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी वृद्धि हो सकती है।
ट्रांसपोर्टरों ने सरकार से पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने तथा राहत प्रदान करने की मांग की है। उनका मानना है कि ईंधन की कीमतों में कमी आने से न केवल परिवहन क्षेत्र को राहत मिलेगी, बल्कि किसानों और आम जनता को भी महंगाई से कुछ हद तक राहत मिल सकेगी।
