सोलन। हिमाचल प्रदेश वन विभाग के सोलन फॉरेस्ट डिविजन की ओर से सोलन में 75वां वन्यजीव दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में सोलन फॉरेस्ट डिविजन के डीएफओ प्रदीप चौहान ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर विद्यार्थियों तथा उपस्थित लोगों को जागरूक किया गया।
इस वर्ष वन्यजीव दिवस का थीम ‘प्रोटेक्टिंग वाइल्डलाइफ हैबिटेट टू कंजर्व हेल्थ एंड लाइवलीहुड्स’ रखा गया। कार्यक्रम में सोलन के सरकारी बालक और बालिका विद्यालयों के करीब 80 से 90 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विषयों को समझा।
डीएफओ प्रदीप चौहान ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य युवा पीढ़ी को पर्यावरण और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनाना है। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही देश का भविष्य हैं और उनमें पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करना आवश्यक है। युवा पीढ़ी जागरूक होगी तो आने वाले समय में प्राकृतिक संसाधनों और वन्यजीवों का संरक्षण बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।
उन्होंने जंगलों में बढ़ती आग की घटनाओं, लगातार कम होते वन क्षेत्र और वन्यजीवों की संख्या में आ रही कमी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जंगल और वन्यजीव मानव जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इनके संरक्षण के बिना पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होगा।
प्रदीप चौहान ने कहा कि वन और वन्यजीवों की सुरक्षा केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने लोगों से जंगलों को आग से बचाने, वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों की रक्षा करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया।
उन्होंने वन्यजीव दिवस के सफल आयोजन के लिए आरओ सोलन की पहल की सराहना की। साथ ही कार्यक्रम की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने में सहयोग के लिए मीडिया कर्मियों का आभार जताया।