सोलन। गांधी बाजार में पिछले 45 वर्षों से आयोजित हो रही प्रसिद्ध रामलीला का मंचन इस वर्ष स्थगित कर दिया गया है। श्री जगदम्बा रामलीला मंडल के निर्देशक हरीश मरवाहा ने कहा कि यह निर्णय किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के विरोध में नहीं, बल्कि नगर निगम द्वारा पिछले चार वर्षों से पक्के मंच की मांग पूरी न किए जाने और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के चलते लिया गया है।
हरीश मरवाहा ने बताया कि हर वर्ष अस्थाई मंच तैयार करने पर करीब 70 से 80 हजार रुपये खर्च होते हैं। मंडल का कहना है कि पक्का मंच बनने से इस खर्च की बचत होगी और इसका इस्तेमाल वर्षभर धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के लिए भी किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि अस्थाई मंच के कमजोर लकड़ी के फट्टों के कारण कलाकारों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है। मंडल के महासचिव सुमित खन्ना को युद्ध दृश्यों के दौरान फट्टे टूटने से कई बार चोट लग चुकी है।
उन्होंने बताया कि मंच पर लोहे के पिलरों और बिजली की तारों के कारण करंट का खतरा भी बना रहता है। बच्चों के अभिभावकों ने भी सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पक्का मंच बनने तक बच्चों को रामलीला में शामिल न करने की बात कही है। बारिश के दौरान तिरपालों से पानी टपकने के कारण रामलीला की महंगी पोशाकें भी खराब होती हैं।
मंडल के अनुसार नगर निगम से मिलने वाली सहायता राशि में भी देरी होती रही है। वर्ष 2024 का पूरा फंड नहीं मिला, जबकि 2025 में केवल 35 हजार रुपये प्राप्त हुए।
हरीश मरवाहा ने कहा कि रामलीला की तैयारियों के लिए कम से कम तीन माह का समय चाहिए, जबकि इस बार तैयारियों के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। हालांकि परंपरा जारी रखते हुए प्रथम नवरात्र से नौ दिनों तक गांधी बाजार में अखंड ज्योत और आरती का आयोजन किया जाएगा। मंडल ने स्पष्ट किया कि पक्का मंच बनने तक रामलीला मंचन स्थगित रहेगा।
सोलन में 45 साल पुरानी गांधी बाजार रामलीला स्थगित, पक्के मंच की मांग पर अड़ा मंडल