ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की ओर से सोलन में ‘विकसित भारत ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन’ (बीबीजीआरएम) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ), एसीबीपीओ तथा कंप्यूटर ऑपरेटरों ने भाग लिया। शिविर का उद्देश्य अधिकारियों को मिशन के प्रावधानों, तकनीकी पहलुओं और कार्यान्वयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रदान करना रहा।
जिला विकास अधिकारी रमेश शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए नए अधिनियम के तहत विकसित भारत ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन को वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसरों को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।
उन्होंने बताया कि यह नया मिशन पूर्व में संचालित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की तर्ज पर विकसित किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को मिशन के दिशा-निर्देशों, कार्य प्रणाली, तकनीकी प्रक्रियाओं और योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर लागू करने के तरीकों की जानकारी दी गई।
रमेश शर्मा ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की क्षमता का विकास करना है, ताकि मिशन के तहत निर्धारित योजनाओं का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा सके। उन्होंने अधिकारियों से प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को व्यवहारिक रूप से लागू करने तथा ग्रामीण विकास की योजनाओं को गति देने का आह्वान किया।
दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में मिशन से जुड़े विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई और अधिकारियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया, ताकि योजना का प्रभावी और सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
बाइट: रमेश शर्मा, जिला विकास अधिकारी (डीडीओ), सोलन