सोलन। कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष अमन सेठी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित महारैली को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि रैली में उमड़े जनसैलाब से भाजपा पूरी तरह परेशान है। उन्होंने कहा कि इस महारैली में देशभर से युवा, बुजुर्ग, पार्टी कार्यकर्ता और साधु-संत बड़ी संख्या में पहुंचे। यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और इसमें लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाई गई।
अमन सेठी ने व्यापारियों के नुकसान को लेकर भाजपा की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि रैली से छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-फड़ी वालों को रोजगार मिला। चाय बेचने वालों से लेकर पानी, कोल्ड ड्रिंक और चिप्स के छोटे विक्रेताओं तक की अच्छी बिक्री हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा को नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के समय छोटे व्यापारियों के हुए नुकसान की चिंता क्यों नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑनलाइन कंपनियों को बढ़ावा देने से छोटे कारोबारियों का व्यवसाय प्रभावित हुआ है। रात आठ बजे अचानक नोटबंदी लागू करने और सोना न खरीदने जैसे बयानों से स्वर्ण कारोबारियों सहित अन्य व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ा।
सेठी ने भाजपा पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सभी धर्मों का सम्मान करती है। देहरादून में आयोजित एक सम्मेलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वहां सिख समुदाय के प्रसिद्ध गायक का मंच से अपमान किया गया, लेकिन संबंधित मंत्री ने अब तक माफी नहीं मांगी।
हिमाचल दौरे पर आए भाजपा नेता हेमंत मिश्रा के बयानों पर भी उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई। सेठी ने कहा कि भाजपा ने दिल्ली की महारैली से जनता का ध्यान भटकाने के लिए प्रदेश में छोटी-छोटी सभाएं आयोजित कीं। उन्होंने मुख्यमंत्री की माता के संदर्भ में की गई कथित टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की।