सोलन। भारतीय जनता पार्टी सोलन शहरी मंडल अध्यक्ष शैलेन्द्र ने दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए इसे तर्कहीन करार दिया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवैधानिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करना प्रत्येक राजनीतिक दल का अधिकार है, लेकिन बिना तथ्यों और तर्कों के विरोध करना देश में भ्रम और अराजकता फैलाने का प्रयास है।
शैलेन्द्र ने कहा कि एक नवंबर को बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि यदि वे इस दिन गुरुद्वारे जाकर वर्ष 1984 में हुए सिख नरसंहार के लिए माफी मांगते तो यह अधिक उचित होता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने अतीत की जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।
राहुल गांधी की ओर से वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव परिणामों, वोट प्रतिशत के अंतर और मतदान प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए शैलेन्द्र ने कहा कि यदि राहुल गांधी चुनाव को असंवैधानिक या गैर-कानूनी मानते हैं तो उन्हें सबसे पहले रायबरेली से सांसद पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का एसआईआर प्रक्रिया के माध्यम से वोट काटे जाने का आरोप तथ्यों से मेल नहीं खाता, क्योंकि यह प्रक्रिया वर्ष 2025-26 में शुरू हुई, जबकि लोकसभा चुनाव 2024 में संपन्न हो चुके थे।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर भी शैलेन्द्र ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार वर्ष 2025 में मुख्य चुनाव आयुक्त बने, जबकि कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनाव में हार गई थी।
शैलेन्द्र ने सुप्रीम कोर्ट में 27 अक्टूबर को दिए गए हलफनामे का हवाला देते हुए कहा कि उसमें सभी निर्णय सहमति से लिए जाने की बात स्पष्ट की गई है। इसके बावजूद कांग्रेस विरोध प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वह राजनीतिक लाभ के लिए देश में गलत नैरेटिव बनाने का प्रयास कर रही है।