सोलन। लोकतंत्र की रक्षा और चुनाव प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर रमेश शर्मा ने सोलन में अपनी बात रखते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती और चुनावों की निष्पक्षता सुनिश्चित करना सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने लोगों से अपने मताधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया।
रमेश शर्मा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया कि उन्होंने दूसरे चुनाव आयुक्त की सहमति के बिना फॉर्म-6 में संशोधन किए और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को निष्पक्ष तरीके से मतदान करने का अधिकार मिलना चाहिए और इस अधिकार की रक्षा करना आवश्यक है।
आंदोलन का जिक्र करते हुए शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र और चुनावी सुधारों को लेकर उठ रही आवाज अब देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच रही है। उन्होंने इसकी तुलना नदी के प्रवाह से करते हुए कहा कि जिस तरह नदी का पानी आगे बढ़ते हुए दूर-दूर तक फैलता है, उसी तरह यह आंदोलन भी विभिन्न क्षेत्रों में पहुंच रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई और महाराष्ट्र सहित अन्य स्थानों पर हुए प्रदर्शनों को पुलिस बल के जरिए दबाने की कोशिश की गई। हालांकि, उनके अनुसार युवाओं और आम लोगों में अपने अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ रही है।
रमेश शर्मा ने बेरोजगारी और देश की परिसंपत्तियों के निजीकरण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि देश में नौ करोड़ से अधिक लोग बेरोजगार हैं और परिसंपत्तियां चुनिंदा उद्योगपतियों को सौंपी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।
शर्मा ने कहा कि केवल मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग तक सीमित रहने के बजाय व्यवस्था में सुधार पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से एकजुट होने की अपील की। BITE – रमेश शर्मा
सोलन : लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान, रमेश शर्मा ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल