शिमला जिले की चौपाल तहसील के बागवान सीताराम इस बार सेब उत्पादन में भारी गिरावट से परेशान हैं। सोलन मंडी में अपनी फसल लेकर पहुंचे सीताराम ने बताया कि वह वर्ष 2014 से सेब के कारोबार से जुड़े हैं, जबकि 2019 से लगातार बागवानी कर रहे हैं।
सीताराम के बगीचे में रॉयल, रेड गोल्डन और गोल्डन किस्म के सेब तैयार होते हैं। इस बार वह मंडी में 33 पेटी रॉयल और 31 पेटी रेड गोल्डन सेब लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि रॉयल सेब करीब 700 रुपये प्रति पेटी और रेड गोल्डन 100 रुपये प्रति पेटी के भाव पर बिका। उन्होंने कहा कि सेब का भाव गुणवत्ता और ग्रेडिंग के आधार पर तय होता है तथा खराब ग्रेडिंग होने पर माल रिजेक्ट होने का खतरा रहता है।
बागवान ने बताया कि इस वर्ष मौसम की मार से उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उनके बगीचे में इस बार उत्पादन 150 पेटी से अधिक नहीं हो पाया, जबकि पहले 685 पेटी तक सेब का उत्पादन हुआ था। फ्लावरिंग के दौरान बेमौसम ठंड और बर्फबारी से फूल खराब हो गए। इसके बाद तेज हवाओं और तूफान ने भी फसल को नुकसान पहुंचाया।
सीताराम ने बागवानों के सामने दवाइयों की सही जानकारी की कमी और एंटी-हैल नेट की महंगी लागत को भी बड़ी समस्या बताया। उन्होंने कहा कि नेट से फसल को ओलावृष्टि और मौसम की मार से बचाया जा सकता है, लेकिन छोटे और गरीब बागवानों के लिए इसका खर्च उठाना मुश्किल है। उन्होंने बागवानों को तकनीकी जानकारी और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत जताई।
सोलन : बेमौसम मौसम की मार से चौपाल के बागवान बेहाल, 685 से घटकर 150 पेटी रह गया सेब उत्पादन