सोलन। ग्राम पंचायत कोरो केंथड़ी में सेप्टिक टैंक की गंदगी खुले में फेंकने का मामला अब नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। सामने आ रही जानकारी के अनुसार, जिस गंदगी को वाहन के माध्यम से जंगल और खुले स्थान पर खाली किया जा रहा था, वह पूर्व प्रधान के भवन में चल रही एक अकादमी के सेप्टिक टैंक से निकाली गई बताई जा रही है।
इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब स्थानीय युवाओं ने 4 नवंबर को वाहन चालक को गंदगी फेंकते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। युवाओं के अनुसार, पूछताछ के दौरान चालक ने कथित तौर पर बताया कि वह रिजघाट स्थित अकादमी से सेप्टिक टैंक की गंदगी लेकर आया था और पहले भी 2-3 बार इस तरह गंदगी खुले में फेंक चुका है।
हालांकि, अकादमी और भवन से इस गंदगी का संबंध कितना सही है तथा इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। मौके की वीडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध है। ग्रामीणों ने डगशाई पुलिस चौकी में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
मामले को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि शिक्षण संस्थान से निकलने वाली गंदगी का निस्तारण खुले में किया जा रहा था, तो पर्यावरण और जनस्वास्थ्य की जिम्मेदारी कौन लेगा? गंदगी फेंकने वाले स्थान के नीचे प्राकृतिक जलस्रोत भी मौजूद है।
उपप्रधान रणजीत सिंह रंजू ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस और संबंधित विभाग इस मामले की तह तक पहुंचकर असली जिम्मेदारों को सामने लाते हैं या नहीं।
सोलन : पूर्व प्रधान के भवन में चल रही अकादमी के सेप्टिक टैंक की गंदगी खुले में फेंकने का आरोप! युवाओं ने चालक को रंगे हाथों पकड़ा, जांच के बाद खुलेगी पूरी सच्चाई