शहर और आसपास के क्षेत्रों में विक्रेताओं द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। उपायुक्त शिल्पा कपिल ने बताया कि ओवरचार्जिंग की शिकायत मिलने पर संबंधित विभाग पहले मामले का सत्यापन करता है। शिकायत की वास्तविकता जांचने के लिए मौके पर डिकॉय ग्राहक भेजकर स्थिति की पुष्टि की जाती है। शिकायत सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाती है।
उपायुक्त ने बताया कि जोगाट स्थित एक वेंडर के खिलाफ ओवरचार्जिंग का मामला दूसरी बार साबित हुआ है। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संबंधित वेंड का वेंड सील कर दिया गया। उन्होंने बताया कि निर्धारित नियमों के अनुसार पहली बार ओवरचार्जिंग का मामला सामने आने पर वेंड को एक दिन के लिए सील किया जाता है, जबकि दोबारा उल्लंघन पाए जाने पर दो दिन के लिए सील करने का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि अप्रैल माह से अब तक करीब पांच से छह मामलों में ओवरचार्जिंग की शिकायतें सत्यापित हुई हैं। इन मामलों में संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं पर केवल सीलिंग की कार्रवाई तक ही मामला सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नियमानुसार जुर्माना लगाने के लिए भी मामले आगे भेजे जाते हैं।
उपायुक्त शिल्पा कपिल ने उपभोक्ताओं से भी सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी वस्तु या सेवा के लिए निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने की स्थिति में लोग इसकी शिकायत प्रशासन तक पहुंचाएं। शिकायतों की जांच के बाद तथ्य सही पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि नागरिक ओवरचार्जिंग से संबंधित शिकायत ईमेल के माध्यम से दर्ज करवा सकते हैं। इसके अलावा टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1100 पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खरीदारी के दौरान निर्धारित दरों की जानकारी रखें और किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें। इससे उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने के साथ बाजार में नियमों के पालन को भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।