छात्र संगठन एसएफआई ने सोलन कॉलेज में छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर दो दिवसीय हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। अभियान के माध्यम से छात्रों से समर्थन जुटाते हुए संगठन ने दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई है।
एसएफआई सोलन जिला के उपाध्यक्ष साहिल झिंटा ने बताया कि बड़ी संख्या में छात्र इस अभियान में भाग लेकर हस्ताक्षर कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है, जिसके विरोध में यह अभियान चलाया जा रहा है।
संगठन ने केंद्र सरकार के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखी हैं। एसएफआई ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग कर उसकी जगह एक पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा एजेंसी गठित करने की मांग की है। इसके साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी उठाई गई है। संगठन ने शिक्षा के निजीकरण और व्यापारीकरण पर रोक लगाने की भी मांग की है।
साहिल झिंटा ने कहा कि यदि सरकार ने छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 24 जुलाई को सोलन में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद छात्र हड़ताल पर भी बैठ सकते हैं। एसएफआई का कहना है कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
सोलन कॉलेज में एसएफआई का हस्ताक्षर अभियान, एनटीए भंग करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग