सोलन शहर में सांपों के प्रति लोगों में फैले भय को दूर करने और बेजुबान जीवों की सुरक्षा के लिए पंजाबी खान पिछले कई वर्षों से नि:शुल्क रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं। वे सोलन और आसपास के क्षेत्रों में घरों, दुकानों और अन्य स्थानों पर निकलने वाले सांपों को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ते हैं। उनकी इस सेवा से अब तक कई सांपों की जान बच चुकी है।
पंजाबी खान बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही सांप पकड़ने का शौक था। सोलन आने के बाद उन्होंने देखा कि लोग डर के कारण सांपों को मार देते हैं या फिर कुछ लोग उन्हें पकड़ने के बदले हजारों रुपये की मांग करते हैं। एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि जब एक व्यक्ति ने सांप पकड़ने के लिए 5100 रुपये मांगे, तब उन्होंने स्वयं सांप को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ दिया। तभी से उन्होंने इसे सेवा का माध्यम बना लिया।
उन्होंने बताया कि किसी भी स्थान से सूचना मिलने पर वे 10 से 12 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचने का प्रयास करते हैं। हाल ही में भारी बारिश के दौरान उन्होंने माल रोड क्षेत्र से एक घायल सांप का भी सफल रेस्क्यू किया। उनका कहना है कि उनकी सेवा पूरी तरह नि:शुल्क है और वे किसी से कोई शुल्क नहीं लेते। केवल हाथ धोने के लिए पानी की जरूरत पड़ती है, क्योंकि सांप अक्सर गंदे नालों से होकर घरों तक पहुंचते हैं।
पंजाबी खान ने लोगों से अपील की कि सांप दिखने पर घबराएं नहीं और न ही उसे मारें। उन्होंने बताया कि सोलन में पाए जाने वाले अधिकांश सांप विषहीन होते हैं और किसानों के मित्र माने जाते हैं क्योंकि वे चूहों की संख्या नियंत्रित करते हैं। उन्होंने लोगों से वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग करने और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की सहायता लेने का आग्रह किया।
सोलन में सांपों के रक्षक बने पंजाबी खान, नि:शुल्क रेस्क्यू कर बचा रहे बेजुबानों की जान