सोलन सब्जी मंडी में स्थानीय प्याज की आवक में भारी कमी दर्ज की जा रही है। स्थानीय स्तर पर प्याज का स्टॉक लगभग समाप्त होने के कारण मंडी में अब मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से आने वाले प्याज पर निर्भरता बढ़ गई है। मंडी के व्यापारी बंटी शर्मा, दुकान नंबर 15, के अनुसार इन दिनों स्थानीय प्याज नाममात्र ही मंडी पहुंच रहा है। मंडी में मुख्य रूप से मध्य प्रदेश के रतलाम तथा महाराष्ट्र के नासिक और पुणे से प्याज की आपूर्ति हो रही है।
व्यापारी के अनुसार नासिक में अब करीब 20 प्रतिशत फसल ही शेष बची है। वहां से आने वाला मध्यम आकार का प्याज सोलन मंडी में करीब 40 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रहा है। वहीं मध्य प्रदेश के रतलाम से आने वाले नए प्याज के दाम गुणवत्ता और आकार के अनुसार 40 से 49 रुपये प्रति किलो तक चल रहे हैं। मध्यम साइज का प्याज 45 से 46 रुपये और सुपर क्वालिटी का प्याज 48 से 49 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। छोटे और हल्के प्याज का भाव करीब 33 रुपये प्रति किलो है, जबकि अच्छी सुपर क्वालिटी का प्याज 50 से 52 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। व्यापारियों के अनुसार इन भावों पर छह प्रतिशत आढ़त अलग से जुड़ती है। ऐसे में 40 रुपये किलो वाला प्याज करीब 42.40 रुपये और 50 रुपये किलो वाला प्याज लगभग 53 रुपये प्रति किलो पड़ता है।
स्थानीय उत्पादकों और व्यापारियों के पास अब करीब पांच प्रतिशत ही प्याज का स्टॉक बचा है। कीमतों में तेजी को देखते हुए कई लोग इस स्टॉक को फिलहाल मंडी में लाने के बजाय रोककर रख रहे हैं। हालांकि बढ़ते दामों का प्याज की मांग पर खास असर नहीं पड़ा है और मंडी में बिक्री सामान्य बनी हुई है।
बंटी शर्मा ने बताया कि आने वाले दिनों में प्याज के दाम दक्षिण भारत के मौसम पर निर्भर करेंगे। वहां नई फसल तैयार हो रही है। यदि 20 तारीख के बाद बारिश होती है तो प्याज के दामों में तेज उछाल आ सकता है। वहीं बारिश नहीं होने की स्थिति में भाव 35 से 50 रुपये प्रति किलो के बीच बने रहने की संभावना है। BITE – बंटी शर्मा शॉप नंबर 15 सब्जी मंडी सोलन