हिमाचल प्रदेश के सरकारी आयुर्वेदिक अस्पतालों में युवाओं को पंचकर्म चिकित्सा का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से एक वर्षीय पंचकर्म प्रशिक्षण (टेक्निशियन) कोर्स शुरू किया गया है। जिला सोलन में यह प्रशिक्षण पंडित दीनदयाल उपाध्याय आयुर्वेदिक जिला अस्पताल सोलन और नालागढ़ आयुर्वेदिक अस्पताल में संचालित किया जा रहा है।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. निशा वर्मा ने बताया कि सोलन अस्पताल के लिए निदेशालय से 12 अभ्यर्थियों की सूची प्राप्त हुई थी, जिनमें से प्रथम काउंसलिंग में नौ अभ्यर्थियों ने रिपोर्ट किया। नालागढ़ अस्पताल में 15 में से 12 अभ्यर्थियों ने उपस्थिति दर्ज करवाई है। दस्तावेजों और मेडिकल फिटनेस की जांच के बाद अंतिम सूची तैयार की जाएगी।
वरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. अनिता गौतम ने बताया कि सोलन में प्रशिक्षण के लिए कुल 16 विद्यार्थी प्रवेश ले रहे हैं, जिनमें आठ लड़के और आठ लड़कियां शामिल हैं। विद्यार्थी प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे हैं। प्रशिक्षण की नियमित कक्षाएं 10 अगस्त से शुरू होंगी।
पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ. दीक्षा वशिष्ठ ने बताया कि पाठ्यक्रम में थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल प्रशिक्षण पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। विद्यार्थियों को अस्पताल में आने वाले मरीजों के उपचार के दौरान विभिन्न पंचकर्म प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। वहीं, अस्पताल में प्रशिक्षुओं की उपलब्धता से पंचकर्म सेवाओं के लिए मरीजों की लंबी वेटिंग कम होने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार यह पहल आयुर्वेदिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सोलन में शुरू हुआ एक वर्षीय पंचकर्म प्रशिक्षण कोर्स, युवाओं को मिलेगा रोजगार और मरीजों को राहत