सोलन। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार वर्ष 2027 तक हिमाचल को आत्मनिर्भर और 2032 तक देश का सबसे समृद्धशाली राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के साथ आय के नए स्रोत विकसित करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि केंद्र से मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान बंद नहीं किया गया होता तो हिमाचल अब तक आत्मनिर्भर बन चुका होता। उन्होंने बताया कि भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड से करीब 4500 करोड़ रुपये के बकाये का मामला अदालत में विचाराधीन है। इसके अलावा वाटर सेस, शानन परियोजना और जल संसाधनों से भी प्रदेश की आय बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर रोक लगाने और आय के विभिन्न स्रोतों को मजबूत करने से आगामी पांच वर्षों में करीब 4000 से 5000 करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है। वाइल्ड फ्लावर हॉल मामले में 401 करोड़ रुपये की राशि प्रदेश के सरकारी खजाने में जमा करवाई जा रही है। वहीं, जेएसडब्ल्यू कंपनी से सालाना करीब 150 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। किशाऊ बांध परियोजना से भविष्य में प्रदेश को करीब 1500 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वेलनेस सेंटर, वाटर स्पोर्ट्स, चिड़ियाघर और वे-साइड एमेनिटीज जैसी परियोजनाओं पर काम जारी है। सोलन से जुड़े एक मामले पर उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम सांडिल से इस विषय में चर्चा हुई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में एक मंत्री और डिप्टी स्पीकर का पद रिक्त है। सरकार की वर्षगांठ 11 दिसंबर से पहले दोनों पदों को भरने का प्रयास किया जाएगा। BITE – हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुखु