सोलन। पंचायती राज प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों के लिए चार दिवसीय बुनियादी प्रशिक्षण शिविर शुरू हो गया है। प्रशिक्षण के पहले दिन राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर), हैदराबाद के मास्टर ट्रेनर एवं सेवानिवृत्त पंचायत निरीक्षक जैसी कौशल ने प्रतिभागियों को पंचायती राज व्यवस्था, अधिनियम, नियमों तथा पंचायतों की प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों की जानकारी दी।
जैसी कौशल ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों को पंचायती राज अधिनियम और नियमों की मूलभूत जानकारी उपलब्ध करवाना है, ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें। उन्होंने कहा कि स्थानीय सरकार के रूप में पंचायतों को विभिन्न प्रशासनिक, न्यायिक और वित्तीय शक्तियां प्रदान की गई हैं।
प्रशिक्षण के दौरान अधिनियम की धारा 8 से 29 के तहत पंचायतों को प्राप्त प्रशासनिक एवं कार्यकारी शक्तियों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा पंचायतों की न्यायिक शक्तियों के बारे में भी जानकारी दी गई। इनमें फौजदारी, दीवानी, भरण-पोषण तथा राजस्व से जुड़े मामलों से संबंधित शक्तियां शामिल हैं।
प्रतिभागियों को पंचायतों के वित्तीय अधिकारों और केंद्र व राज्य सरकार से मिलने वाले बजट एवं अनुदान के उपयोग की प्रक्रिया भी समझाई गई। बताया गया कि पंचायतें उपलब्ध संसाधनों का उपयोग क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार विकास योजनाएं तैयार करने में कर सकती हैं।
जैसी कौशल ने बताया कि प्रशिक्षण के आगामी सत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस, कल्याण विभाग और सामाजिक सुरक्षा सहित अन्य विभागों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। वे संबंधित विभागों की योजनाओं, नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी पंचायत प्रतिनिधियों के साथ साझा करेंगे। BITE – जैसी कौशल रिटायर पंचायत इंस्पेक्टर मास्टर ट्रेनर NIRDA