सोलन। नवरात्र पर्व के दूसरे दिन सोलन स्थित मां शूलिनी मंदिर में श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर जिला परिषद सोलन की अध्यक्ष शीला कुमारी ने मंदिर पहुंचकर मां शूलिनी का आशीर्वाद लिया और समस्त सोलनवासियों सहित प्रदेशवासियों को नवरात्र की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि बीते दिन भारी बारिश के कारण वह मंदिर नहीं पहुंच सकी थीं, लेकिन दूसरे नवरात्र पर माता के दर्शन करने का अवसर मिला।
शीला कुमारी ने अपने विद्यार्थी जीवन की यादें साझा करते हुए कहा कि जब वह कॉलेज में पढ़ती थीं, तब मंदिर परिसर के आसपास पुजारियों के चार-पांच घर ही हुआ करते थे। उस समय स्कूल और कॉलेज की छुट्टी के बाद विद्यार्थी तथा स्थानीय लोग बाजार में जाकर दिनभर चढ़ाए गए प्रसाद को श्रद्धापूर्वक बांटते थे। उन्होंने कहा कि समय के साथ सोलन की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और मां शूलिनी की पूजा-अर्चना का स्वरूप भी भव्य हुआ है। आज मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है तथा लोग चढ़ावा चढ़ाने के साथ भंडारों का आयोजन भी करते हैं।
उन्होंने कहा कि सोलन मां शूलिनी की नगरी है और माता के आशीर्वाद से शहर निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने मां से सभी के अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और सोलन के निरंतर विकास की कामना की।
इस दौरान उन्होंने संस्कृति संरक्षण और युवाओं को नशे से दूर रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने माताओं, बहनों और बुजुर्गों से अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने चिंता जताई कि युवा पीढ़ी धीरे-धीरे अपनी संस्कृति से दूर हो रही है और युवाओं को नशे से बचाने के लिए उन्हें अच्छे संस्कार देना जरूरी है।
शीला कुमारी ने अभिभावकों से बच्चों को नियमित मंदिर ले जाने, पूजा-पाठ की जानकारी देने और अच्छी संगत के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि घर से मिलने वाले अच्छे संस्कार बच्चों को नशे और बुरी आदतों से दूर रखने में मदद कर सकते हैं। इससे युवा अपने परिवार, प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकेंगे।
सोलन में मां शूलिनी के दरबार में उमड़ी श्रद्धा, संस्कृति संरक्षण और नशामुक्त समाज का दिया संदेश