11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर सोलन में एक दिवसीय आयुष मेले का आयोजन किया गया। मेले में आयुष पद्धतियों से जुड़ी जानकारी देने के साथ लोगों को स्वस्थ जीवनशैली, सही आहार-विहार और नियमित दिनचर्या के प्रति जागरूक किया गया। जिला आयुष अधिकारी डॉ. निशा वर्मा पंवार ने बताया कि मेले में लोगों को आयुर्वेद सहित विभिन्न आयुष पद्धतियों की जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि मेले में आयुर्वेद, होम्योपैथी, योग, सिद्धा और यूनानी पद्धतियों से संबंधित प्रदर्शनी और स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित आहार, दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा मेले में लोगों के लिए प्रकृति परीक्षण और बीएमडी टेस्ट की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई।
जिला आयुष अधिकारी ने बताया कि लोगों को संतुलित और पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करने के लिए आईसीडीएस विभाग के सहयोग से विशेष स्टॉल लगाया गया है। यहां विभिन्न प्रकार के पौष्टिक खाद्य पदार्थों और संतुलित आहार से संबंधित जानकारी लोगों को दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि मेले का औपचारिक शुभारंभ सुबह के सत्र में हिमाचल प्रदेश आयुष विभाग के सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक डॉ. तेजस्वी विजय आजाद ने किया। वहीं, शाम को आयोजित होने वाले समापन समारोह एवं पारितोषिक वितरण कार्यक्रम में उपायुक्त मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।
डॉ. निशा वर्मा पंवार ने बताया कि राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के तहत बीते दिन अंतर-विद्यालय प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया था। इनमें योग, स्लोगन लेखन, वाद-विवाद और भाषण प्रतियोगिताएं शामिल रहीं। इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को समापन समारोह के दौरान सम्मानित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आयुष मेले का मुख्य उद्देश्य लोगों में आयुर्वेद और आयुष चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, ताकि लोग स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर निरोग रहने की दिशा में आगे बढ़ सकें। उन्होंने लोगों से आयुर्वेद को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।