सोलन मंडी में इन दिनों सेब की आवक बढ़ने लगी है। शिमला जिले के रोहड़ू क्षेत्र के बागवान बलवान क्रिप्टा भी अपनी फसल लेकर सोलन मंडी पहुंचे। उन्होंने इस सीजन में सेब की बिक्री और फसल की स्थिति को लेकर अपने अनुभव साझा किए। उनके अनुसार मंडी में अलग-अलग श्रेणी के सेब के दाम में अंतर देखने को मिल रहा है, जबकि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों का सीधा असर फसल के आकार और उत्पादन पर पड़ा है।
बलवान क्रिप्टा ने बताया कि उन्होंने मंडी में रॉयल, रेड गोल्डन और ब्लैक ग्रेड के सेब बेचे। रॉयल श्रेणी के सेब को अपेक्षाकृत बेहतर दाम मिले, जबकि अन्य ग्रेड में कीमतें गुणवत्ता और आकार के अनुसार अलग-अलग रहीं। उन्होंने बताया कि मंडी में बिक्री के दौरान सेब की गुणवत्ता, रंग और आकार के आधार पर दाम तय किए जा रहे हैं। बागवानों के लिए इस बार बाजार भाव के साथ उत्पादन भी महत्वपूर्ण चिंता का विषय बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष मौसम में उतार-चढ़ाव और प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण सेब का आकार प्रभावित हुआ है। कई क्षेत्रों में अपेक्षित आकार का फल तैयार नहीं हो पाया, जिसका असर कुल उत्पादन और बागवानों की आमदनी पर पड़ा है। मौसम की मार के कारण बागवानों को उत्पादन लागत निकालने के साथ-साथ गुणवत्ता बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
बागवानों का कहना है कि सेब की पैदावार पर मौसम का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में मंडियों में उचित दाम मिलना उनके लिए बेहद जरूरी है। बागवानों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बेहतर गुणवत्ता वाले सेब की मांग बढ़ने से दाम में और सुधार होगा, जिससे मौसम की मार से हुए नुकसान की कुछ भरपाई हो सकेगी। BITE – बलवान क्रिप्टा रोहड़ू निवासी जिला शिमला