सोलन। हिमाचल प्रदेश में स्टाम्प ड्यूटी की दरों में की गई वृद्धि के विरोध में हिमाचल किसान सभा की सोलन इकाई ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। किसान सभा ने इस फैसले को आम जनता, किसानों और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है।
किसान सभा सोलन इकाई के जिला अध्यक्ष नीतीश ठाकुर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। इसमें एक सितंबर को जारी अधिसूचना के तहत विभिन्न दस्तावेजों पर बढ़ाई गई स्टाम्प ड्यूटी को लेकर आपत्ति जताई गई।
नीतीश ठाकुर ने कहा कि सरकार ने एफिडेविट, बैंक लोन, मॉर्गेज और जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर स्टाम्प ड्यूटी में भारी वृद्धि की है। इससे आम लोगों को रोजमर्रा के कानूनी और वित्तीय कार्य करवाने के लिए पहले की तुलना में अधिक खर्च उठाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि बैंक से ऋण लेने वाले किसानों, छोटे कारोबारियों और जरूरतमंद परिवारों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। विशेष रूप से जमीन को बैंक के पास गिरवी रखकर ऋण लेने वाले लोगों की आर्थिक परेशानियां बढ़ेंगी। किसान सभा ने सरकार से अधिसूचना पर पुनर्विचार कर बढ़ी हुई दरों को वापस लेने की मांग की।
सभा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जनता पर पड़ रहे इस अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम करने के लिए कदम नहीं उठाती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।