सोलन। दीपावली महापर्व का शुभारंभ रमा एकादशी से हो गया है। इस अवसर पर मुरारी मार्केट, माल रोड स्थित दुर्गा माता मंदिर के पुजारी पंडित अनिल शर्मा ने दीपावली महोत्सव के धार्मिक महत्व, विभिन्न पर्वों की मान्यताओं और लक्ष्मी पूजन के शुभ मुहूर्त की जानकारी दी। उन्होंने श्रद्धालुओं को सभी पर्व विधि-विधान और श्रद्धा के साथ मनाने का संदेश दिया।
पंडित अनिल शर्मा ने बताया कि रमा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना और व्रत करने का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को करने से मनुष्य को पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस बार एकादशी के साथ द्वादशी तिथि का संयोग होने से गोवत्स द्वादशी और गौ पूजन का भी विशेष महत्व है।
उन्होंने बताया कि दीपावली उत्सव की शुरुआत धनत्रयोदशी यानी धनतेरस से होती है। इस दिन भगवान धन्वंतरी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरी अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी कारण इस दिन बर्तन, आभूषण और अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी करना मंगलकारी माना जाता है। लोग सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना के साथ भगवान धन्वंतरी तथा माता लक्ष्मी की आराधना करते हैं।
पंडित शर्मा ने बताया कि नरक चतुर्दशी के बाद दीपावली का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की खुशी में दीप जलाने की परंपरा है। दीपावली पर प्रदोष काल और निशित काल में माता लक्ष्मी का पूजन विशेष फलदायी माना गया है।
उन्होंने बताया कि इस बार संध्या पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5:30 बजे से रात 8 बजे तक रहेगा, जबकि विशेष पूजन का समय रात 8:52 बजे तक बताया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि शुभ मुहूर्त में दीप प्रज्वलित कर माता लक्ष्मी की आरती और विधि-विधान से पूजन करें।
सोलन : रमा एकादशी से हुआ दीपावली महापर्व का शुभारंभ, पंडित अनिल शर्मा ने बताया लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त