सोलन। ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन और महंगाई की दोहरी मार से सोलन के पारंपरिक बाजारों में कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। त्योहारी सीजन में भी बाजारों से ग्राहकों की रौनक गायब रहने के कारण स्थानीय व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। व्यापारियों ने सरकार और प्रशासन से छोटे दुकानदारों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
लोअर बाजार में पिछले 20 वर्षों से जनरल स्टोर चला रहे अमर दीप पांजा ने बताया कि इस बार करवाचौथ पर बाजार में अपेक्षित भीड़ देखने को नहीं मिली। पहले त्योहारों से चार-पांच दिन पूर्व खरीदारी के लिए ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ती थी, लेकिन अब अधिकांश सामान ऑनलाइन उपलब्ध होने से लोग बाजारों का रुख नहीं कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो-तीन वर्षों में स्थानीय कारोबार में 60 से 70 प्रतिशत तक गिरावट आई है। इसका असर जनरल स्टोर के साथ कपड़े और चूड़ियों के कारोबार पर भी पड़ा है। मंदी के चलते दुकानदार दिवाली के लिए नया सामान मंगवाने से भी कतरा रहे हैं।
स्थानीय व्यापारी विजय दुग्गल ने कहा कि महंगाई और ऑनलाइन खरीदारी ने छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। अब वाहनों के टायर तक ऑनलाइन मिलने लगे हैं, जिससे लगभग हर क्षेत्र का कारोबार प्रभावित हुआ है। उन्होंने सरकार से छोटे दुकानदारों की आजीविका बचाने के लिए स्थायी समाधान निकालने की मांग की।
वहीं, अमर दीप पांजा ने प्रशासन से त्योहारों के दौरान माल रोड सहित प्रमुख स्थानों पर बाहरी विक्रेताओं द्वारा लगाए जाने वाले अस्थायी स्टॉल पर रोक लगाने की अपील की, ताकि स्थानीय व्यापारियों को राहत मिल सके।
सोलन : ऑनलाइन शॉपिंग और महंगाई से सोलन के बाजारों में मंदी, व्यापारियों की बढ़ी चिंता