सोलन। त्योहारी सीजन में सोलन शहर में पेयजल संकट गहराने और विकास कार्य ठप होने को लेकर नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। वार्ड नंबर 10 के पार्षद अंकुश सूद ने शहर में पानी के असमान वितरण, पुरानी पाइपलाइनों से हो रही लीकेज और विकास कार्यों में देरी पर नाराजगी जताई है। नगर निगम आयुक्त के अवकाश पर होने के चलते पार्षदों के प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त आयुक्त और महापौर सुषमा शर्मा को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
अंकुश सूद ने कहा कि दिवाली और करवा चौथ जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान शहर के कई क्षेत्रों में आठ से नौ दिनों तक पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। इससे लोगों को घरेलू कामकाज, साफ-सफाई और अन्य दैनिक जरूरतों को पूरा करने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रों में पानी लगातार बहने से टंकियां ओवरफ्लो हो रही हैं, जबकि दूसरे इलाकों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि पानी की उपलब्धता कम होने पर भी सभी वार्डों में प्रत्येक तीसरे दिन सीमित मात्रा में समान रूप से आपूर्ति की जाए।
पार्षद ने बताया कि वार्ड नंबर 10 में फॉरेस्ट रोड स्थित पानी के टैंकों से पिछले दो वर्षों से लीकेज हो रही है। उनके अनुसार, इसके कारण शिली रोड पर सुरक्षा दीवारों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने सक्सेना परिवार के मकान के ढहने का मामला भी उठाया। सूद ने कहा कि दशकों पुरानी पाइपलाइनें जमीन में गहराई तक दबी होने के कारण लीकेज का पता देर से चलता है। वहीं, पर्याप्त वाल्व नहीं होने से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पानी नहीं पहुंच पाता।
उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम बनने के बाद से वार्डों में विकास कार्यों की गति बेहद धीमी है और सड़कों के गड्ढे भरने तक की व्यवस्था नहीं हो पा रही। उन्होंने प्रशासन से जल वितरण व्यवस्था सुधारने, लीकेज रोकने और विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की मांग की।