सोलन। सांसद सुरेश कश्यप ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर चुनावी हार की हताशा में वोट चोरी का मुद्दा उठाकर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया। सोलन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष एसआईआर को लेकर भ्रम फैला रहा है, जबकि इसका उद्देश्य मतदाता सूचियों को पारदर्शी बनाना और वास्तविक नागरिकों को मतदान का अधिकार सुनिश्चित करना है।
कश्यप ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया देश में पहले भी कई बार हो चुकी है। उनके अनुसार, इससे पहले कांग्रेस और भाजपा के शासनकाल में भी यह प्रक्रिया अपनाई गई थी। उन्होंने कहा कि समय के साथ मतदाताओं की मृत्यु, स्थान परिवर्तन और दोहरी प्रविष्टियों के कारण मतदाता सूचियों में त्रुटियां आ सकती हैं। एसआईआर के माध्यम से ऐसी विसंगतियों को दूर किया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे फर्जी मतदाताओं के नाम हटाने में मदद मिलेगी।
प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए सांसद ने कहा कि कांग्रेस की गारंटियां पूरी नहीं हुई हैं और सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए भाजपा सांसदों पर सहयोग न करने के आरोप लगा रही है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार हिमाचल की विकास योजनाओं के लिए आवश्यक सहयोग दे रही है। कश्यप ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस को जवाब देगी।
राजनीति में अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं के परिजनों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां निंदनीय हैं। उन्होंने सभी नेताओं से राजनीतिक मतभेदों के बावजूद भाषा की मर्यादा बनाए रखने की अपील की। मनरेगा से जुड़ी नई व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक से पारदर्शिता बढ़ाने और अनियमितताओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।