सोलन। महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में वाल्मीकि वर्ग सुधार समिति सोलन की ओर से शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। बैंड-बाजे, ढोल और रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित आकर्षक झांकियां आयोजन का मुख्य आकर्षण रहीं। लव-कुश के घोड़े की झांकी ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
वाल्मीकि मंदिर एवं वाल्मीकि वर्ग सुधार समिति सोलन के प्रधान प्रेमचंद बटू ने बताया कि समिति की ओर से हर वर्ष महर्षि वाल्मीकि जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। इस वर्ष भी श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर महर्षि वाल्मीकि को नमन किया। शोभायात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुराने डीसी कार्यालय मार्ग से गुजरी और चौक बाजार में संपन्न हुई।
प्रेमचंद बटू ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण समाज को आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देती है। रामायण में माता-पिता, पुत्र, पति-पत्नी, भाई-भाई तथा राजा और प्रजा के बीच कर्तव्यों एवं संबंधों का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया है। शोभायात्रा में शामिल झांकियों के माध्यम से इन्हीं शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। दशहरा भी अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश देता है।
इस अवसर पर उन्होंने लोगों से नशे और सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों और आने वाली पीढ़ी को महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाओं से जोड़ना जरूरी है, ताकि भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को सुरक्षित रखा जा सके।
सोलन में महर्षि वाल्मीकि जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा, रामायण की झांकियों ने मोहा मन