सोलन सब्जी मंडी में कचरा प्रबंधन पर बनी सहमति, पीक सीजन में बढ़ेंगे सफाई कर्मचारी

सोलन। सोलन सब्जी मंडी में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) के बैठक कक्ष में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में एपीएमसी सचिव, नगर निगम के अधिकारी और गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान मंडी में कचरे के उचित निस्तारण, गीले और सूखे कचरे को अलग रखने तथा व्यस्त सीजन में सफाई व्यवस्था मजबूत करने पर चर्चा की गई।
आढ़ती एसोसिएशन सब्जी मंडी सोलन के प्रधान गुरदीप साहनी ने बताया कि बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत बल्क वेस्ट जनरेटर की जिम्मेदारियों पर विचार किया गया। उन्होंने कहा कि मंडी में मुख्य रूप से सब्जियों से निकलने वाला जैविक कचरा और गत्ते व बारदाने जैसा सूखा कचरा एकत्र होता है। बैठक में तय किया गया कि सभी आढ़ती अपनी दुकानों और क्रेट्स के आसपास कचरे का उचित पृथक्करण सुनिश्चित करेंगे। गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने से सफाई कर्मचारियों को इसे एकत्र करने में आसानी होगी और मंडी की स्वच्छता भी बनी रहेगी।
साहनी ने बताया कि मंडी से कचरा उठाने और उसके निस्तारण के लिए नगर निगम को तीन रुपये प्रति किलो के हिसाब से भुगतान किया जाता है। इसके बाद नगर निगम कचरे को सरोगड़ा सहित निर्धारित स्थानों पर वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित करता है।
उन्होंने कहा कि सामान्य दिनों में मंडी की सफाई व्यवस्था ठीक रहती है, लेकिन जुलाई, अगस्त और सितंबर के दौरान सब्जियों की आवक बढ़ने से चुनौती बढ़ जाती है। इन महीनों में टमाटर, शिमला मिर्च सहित अन्य सब्जियों की भारी आवक होती है और मंडी में रातभर काम चलता है। माल की छंटाई के दौरान खराब सब्जियां खुले में फेंकने से गंदगी फैलती है। इसे देखते हुए पीक सीजन में अतिरिक्त सफाई कर्मचारी तैनात करने पर सहमति बनी है।
गुरदीप साहनी ने कहा कि मंडी को स्वच्छ रखने के लिए किसानों, मजदूरों और व्यापारियों का सहयोग जरूरी है। बैठक में नई व्यवस्था की समीक्षा के लिए दो से तीन महीने बाद दोबारा बैठक आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया।

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