सोलन। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) सोलन की ओर से विजयादशमी उत्सव एवं संघ का 101वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर पूर्ण गणवेश में सुसज्जित स्वयंसेवकों ने शहर में भव्य पथ संचलन निकाला। कार्यक्रम में संघ के जिला संघचालक गुरदीप साहनी ने संघ की स्थापना, उद्देश्यों और वर्षभर आयोजित गतिविधियों की जानकारी साझा की।
गुरदीप साहनी ने बताया कि विजयादशमी का पर्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि संघ की स्थापना इसी दिन हुई थी। संघ पिछले 101 वर्षों से व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के कार्य में निरंतर जुटा हुआ है। उन्होंने विजयादशमी को शक्ति, साहस और सकारात्मक संकल्प का प्रतीक बताते हुए सभी को पर्व की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने बताया कि संघ ने पिछले वर्ष से ही शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की शुरुआत कर दी थी। इन कार्यक्रमों को सात प्रमुख विषयों के आधार पर आगे बढ़ाया गया। इसके तहत सोलन शहर में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनका उद्देश्य समाज के अधिक से अधिक लोगों को जोड़ना और सामाजिक समरसता को मजबूत करना रहा।
उन्होंने बताया कि ठोडो ग्राउंड में कार्यक्रम आयोजित करने के साथ घर-घर संपर्क अभियान चलाया गया। इसके अलावा ठोडो ग्राउंड में हिंदू सम्मेलन, जे टोली के समीप ऑडिटोरियम में प्रमुख जन संगोष्ठी और विभिन्न जाति-बिरादरियों के साथ सद्भावना बैठकें आयोजित की गईं। युवाओं को संघ की गतिविधियों से जोड़ने के लिए युवा सम्मेलन भी किया गया। साथ ही अधिक से अधिक स्थानों पर संघ की शाखाएं शुरू करने पर जोर दिया गया।
विजयादशमी उत्सव के दौरान मुख्य वक्ता ने स्वयंसेवकों को बौद्धिक मार्गदर्शन दिया। इसके बाद स्वयंसेवकों ने अनुशासित तरीके से पथ संचलन किया। संचलन शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए वापस आयोजन स्थल पर पहुंचा, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ। इस आयोजन के माध्यम से संघ ने संगठन, अनुशासन, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के अपने संदेश को सामने रखा।