सोलन। विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर पशुपालन विभाग की ओर से सोलन जिले में श्वान टीकाकरण, नसबंदी और जागरूकता अभियान को तेज किया गया। निदेशालय के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित अभियान के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में श्वानों की नसबंदी के साथ आवारा और बेसहारा कुत्तों का नि:शुल्क टीकाकरण किया गया।
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. विवेक लांबा ने बताया कि 28 सितंबर को सोलन नगर निगम क्षेत्र में 26 कुत्तों की नसबंदी की गई। इसके साथ सोलन शहर में अब तक नसबंदी किए गए श्वानों की कुल संख्या 757 पहुंच गई है।
उन्होंने बताया कि अभियान को जिले के अन्य क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए बद्दी नगर परिषद में पशुपालन विभाग के सहयोग से नया नसबंदी केंद्र स्थापित किया गया है। यहां 28 सितंबर को दो चिकित्सकों की तैनाती में 10 कुत्तों का ऑपरेशन किया गया। इसके अलावा कुनिहार नगर पंचायत के सहयोग से जल्द ही कुनिहार में भी नसबंदी केंद्र शुरू किया जाएगा। इस केंद्र में सप्ताह में एक दिन करीब 10 श्वानों की नसबंदी करने का प्रयास रहेगा।
डॉ. लांबा के अनुसार 28 सितंबर को पूरे सोलन जिले में करीब 110 श्वानों की नसबंदी की गई। वहीं, जिले की विभिन्न पंचायतों में लगभग 700 आवारा और बेसहारा श्वानों का नि:शुल्क टीकाकरण किया गया।
उन्होंने बताया कि रेबीज गंभीर और लाइलाज बीमारी है। इससे बचाव के लिए लोगों को कुत्तों के व्यवहार और बीमारी के संभावित लक्षणों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभियान के तहत स्कूलों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पांच जागरूकता शिविरों के माध्यम से करीब 60 से 70 लोगों को रेबीज के लक्षण, बचाव और सावधानियों की जानकारी दी गई। विभाग का उद्देश्य श्वानों की नसबंदी और टीकाकरण के साथ लोगों को जागरूक कर रेबीज के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण पाना है।