सोलन। नगर निगम सोलन की हाउस बैठक में शहर के विकास और जनसुविधाओं को ध्यान में रखते हुए करीब 200 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट प्रस्तुत किया गया। मेयर सुषमा शर्मा ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया के चलते बजट पेश करने में करीब चार से पांच महीने का विलंब हुआ। सामान्य तौर पर बजट मार्च या अप्रैल के पहले सप्ताह में प्रस्तुत किया जाता है।
उन्होंने बताया कि शहर की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र को भेजी जाएगी। वर्तमान में नगर निगम आईपीएच विभाग से पानी लेकर शहर में आपूर्ति करता है और मुख्य रूप से गिरी व अश्विनी खड्ड पर निर्भर है। पेयजल व्यवस्था का पूरा जिम्मा जल शक्ति विभाग को सौंपने की कैबिनेट प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अंतिम दिशा-निर्देश का इंतजार है। पानी के भंडारण टैंकों के लिए ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया भी जारी है।
स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसमें सात करोड़ रुपये की लागत से बायोगैस प्लांट स्थापित किया जाएगा, जिसके टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शहर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए वार्डों में मिनी पार्किंग और येलो लाइन पार्किंग विकसित करने की योजना है। इसके लिए अन्य नगर निगमों की शुल्क व्यवस्था का अध्ययन किया जा रहा है।
पैदल यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए फुटपाथ निर्माण को भी बजट में प्राथमिकता दी गई है। शहर में सीमांकन का कार्य पिछले छह माह से जारी है। वहीं, सभी वार्डों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का सर्वे अंतिम चरण में है और अगले एक से डेढ़ माह में कैमरे स्थापित किए जाने की योजना है।
इसके अलावा माल रोड चिल्ड्रेन पार्क, मोहन पार्क, गंज बाजार, जवार पार्क और सन्नी साइड पार्क के जीर्णोद्धार पर भी काम किया जा रहा है। बुजुर्गों के लिए मोहल्लों में छोटे पार्क विकसित करने को पार्षदों से स्थान चिन्हित करने को कहा गया है।