सोलन। स्वच्छता पखवाड़े के तहत आईसीएआर-डायरेक्टरेट ऑफ मशरूम रिसर्च (डीएमआर), सोलन की ओर से जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में डीएमआर की टीम ने कोलिया डांगरी पंचायत स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला पाठी का दौरा किया। वैज्ञानिक डॉ. शैलजा वर्मा और डॉ. जगदीश ने विद्यालय में आयोजित गतिविधियों का अवलोकन किया।
पाठशाला की प्रभारी अध्यापिका अपर्णा सूद, स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों और विद्यार्थियों ने ‘वेस्ट टू आर्ट’ विषय पर प्रदर्शनी लगाई। इसमें चिलारू यानी चीड़ की पत्तियों, वेस्ट पेपर, पेपर मैशी और वेस्ट प्लास्टिक जैसी अनुपयोगी सामग्री का उपयोग कर विभिन्न आकर्षक एवं उपयोगी कलाकृतियां तैयार की गईं। डॉ. शैलजा वर्मा ने विद्यार्थियों और अभिभावकों के प्रयासों की सराहना की।
डॉ. शैलजा वर्मा ने कहा कि अपशिष्ट पदार्थों को उपयोगी संसाधन में बदलने के लिए मशरूम उत्पादन भी एक बेहतर माध्यम है। उन्होंने बताया कि डीएमआर की ओर से जल्द ही विद्यालय परिसर और किचन गार्डन में विद्यार्थियों तथा एसएमसी सदस्यों को भूसे पर ढिंगरी यानी ऑयस्टर मशरूम उगाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके माध्यम से बच्चों को अपशिष्ट के बेहतर उपयोग और मशरूम उत्पादन की तकनीक से जोड़ा जाएगा।
प्रभारी अध्यापिका अपर्णा सूद ने डीएमआर की टीम का आभार जताते हुए कहा कि संस्थान के सहयोग से विद्यालय में मशरूम उत्पादन की नई पहल शुरू होगी। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों को स्वच्छता, पुनर्चक्रण और स्वरोजगार से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी भी मिलेगी।
डॉ. शैलजा वर्मा ने स्कूल प्रबंधन समिति, स्टाफ और डीएमआर टीम के सदस्यों डॉ. दत्तात्रेय तथा डॉ. जगदीश के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
सोलन की पाठशाला पाठी में ‘वेस्ट टू आर्ट’ प्रदर्शनी, ढिंगरी मशरूम उत्पादन का होगा प्रशिक्षण