धरोट पंचायत के पूर्व प्रधान रणबीर ठाकुर ने क्षेत्र के दुग्ध उत्पादक किसानों की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि दूध के कम दाम और पशुपालन की बढ़ती लागत के कारण किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने सरकार से दुग्ध उत्पादकों को राहत देने और दूध की खरीद दर में बढ़ोतरी करने की मांग की है।
रणबीर ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र में सरकारी संस्था की ओर से किसानों से दूध की खरीद की जाती थी, लेकिन वर्तमान में किसानों को करीब 35 रुपये प्रति किलो की दर से भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर मुख्यमंत्री की ओर से दूध की खरीद 60, 70, 80 और 100 रुपये प्रति किलो तक किए जाने की बात कही जाती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर किसानों को मिलने वाली राशि को लेकर स्थिति स्पष्ट किए जाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र का स्थानीय दूध प्लांट भी बंद हो चुका है, जबकि किसानों को दूध की राशि का समय पर भुगतान नहीं मिल पा रहा है। इससे दुग्ध उत्पादकों की आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं।
रणबीर ठाकुर ने बताया कि पशुपालन की लागत लगातार बढ़ रही है। पशु फीड की एक बोरी करीब 1700 रुपये में मिल रही है, जबकि बिनौले की खल की बोरी की कीमत करीब 2700 रुपये तक पहुंच गई है। इसके अलावा पशु चारे की कीमत 16 से 17 रुपये प्रति किलो है। चना दाना और अन्य खाद्य सामग्री की कीमतें भी किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही हैं।
उन्होंने कहा कि पशुओं के बीमार होने पर इलाज और दवाइयों का खर्च भी किसानों को वहन करना पड़ता है। ऐसे में दूध की मौजूदा खरीद दर और बढ़ती लागत के बीच संतुलन नहीं बन पा रहा है।
रणबीर ठाकुर ने सरकार से मांग की कि दुग्ध उत्पादकों को उनकी लागत के अनुरूप उचित दूध खरीद दर उपलब्ध करवाई जाए और लंबित भुगतान समय पर किया जाए, ताकि किसानों को पशुपालन जारी रखने में आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
सोलन : दूध के दाम और बढ़ती लागत से दुग्ध उत्पादक परेशान, पूर्व प्रधान रणबीर ठाकुर ने उठाई आवाज