पड़ोसी जिला सिरमौर में पशुओं की मौत के बाद सोलन जिला पशुपालन विभाग भी लंपी वायरस को लेकर पूरी तरह सतर्क हो गया है। विभाग ने पशुपालकों को बीमारी के लक्षणों पर नजर रखने और संक्रमण की स्थिति में तुरंत आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. विवेक लांबा ने बताया कि सोलन के नालागढ़ और कुनिहार क्षेत्र में लंपी वायरस के करीब 20 से 30 मामले सामने आए हैं।
उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से जिले के लिए लंपी वैक्सीन की करीब 9,500 खुराकें मंगवाई गई हैं। पशुओं के टीकाकरण के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी भी बढ़ाई जा रही है। डॉ. लांबा ने कहा कि करीब चार-पांच वर्ष पहले लंपी वायरस फैलने के दौरान पशुओं में विकसित हुई रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण इस बार बीमारी का प्रभाव अपेक्षाकृत कम देखने को मिल रहा है।
डॉ. लांबा ने पशुपालकों में बीमारी को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए स्पष्ट किया कि लंपी वायरस इंसानों में नहीं फैलता। संक्रमित पशु का दूध अच्छी तरह उबालकर पीना सुरक्षित है। उन्होंने पशुपालकों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की।
उन्होंने बताया कि लंपी एक वेक्टर जनित बीमारी है, जो मुख्य रूप से मक्खी-मच्छरों जैसे कीटों के माध्यम से फैलती है। संक्रमण की आशंका होने पर पशु को तुरंत अन्य पशुओं से अलग कर आइसोलेट करने, पशुशाला की नियमित साफ-सफाई रखने और कीट नियंत्रण के उपाय करने चाहिए। किसी भी संदिग्ध मामले में पशुपालक नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र से संपर्क करें। विभाग ने पशुपालकों से सतर्क रहने और संक्रमण की सूचना तत्काल देने का आग्रह किया है।