बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के खिलाफ सोलन समेत देशभर के अधिवक्ताओं में रोष बढ़ता जा रहा है। सोलन के अधिवक्ता मदन कश्यप ने बताया कि बड़ी संख्या में वकील बीसीआई अध्यक्ष के लंबे कार्यकाल और बार काउंसिल के निर्धारित नियमों को लेकर विरोध जता रहे हैं। अधिवक्ताओं का आरोप है कि अध्यक्ष पद पर करीब 14 वर्षों से बने रहना निर्धारित दो वर्ष के कार्यकाल की व्यवस्था के विपरीत है।
मदन कश्यप के अनुसार अधिवक्ताओं का कहना है कि बार काउंसिल जैसी महत्वपूर्ण संस्था में लोकतांत्रिक व्यवस्था और निर्धारित नियमों का पालन होना चाहिए। उनका आरोप है कि अध्यक्ष पद पर लंबे समय तक बने रहने से संस्था की कार्यप्रणाली और प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में वकीलों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किए हैं।
अधिवक्ताओं ने बीसीआई अध्यक्ष से पद से इस्तीफा देने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। विरोध कर रहे वकीलों ने जरूरत पड़ने पर सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी है।
सोलन के अधिवक्ताओं का कहना है कि न्याय व्यवस्था में वकीलों की महत्वपूर्ण भूमिका है और उनके प्रतिनिधि संगठन में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। अधिवक्ताओं ने बीसीआई से मामले पर स्पष्ट स्थिति सामने रखने और निर्धारित कार्यकाल संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।
वकीलों के इस विरोध के चलते बीसीआई के कामकाज और अध्यक्ष के कार्यकाल को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है। अधिवक्ताओं ने संकेत दिया है कि मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन का अगला चरण और अधिक व्यापक हो सकता है। BITE – मदन कश्यप अधिवक्ता डिस्ट्रिक्ट कोर्ट सोलन