सोलन मंडी में सेब कारोबार पर संकट, बागवानों ने कम दाम और बढ़ती लागत पर जताई चिंता

सोलन फल मंडी में इस बार सेब कारोबार को लेकर बागवानों के अनुभव अलग-अलग तस्वीर सामने ला रहे हैं। मंडी में सेब की आवक पिछले वर्ष की तुलना में कम है, वहीं गुणवत्ता और ग्रेडिंग के आधार पर बागवानों को दाम मिल रहे हैं। एपीएमसी सोलन के चेयरमैन रोशन ठाकुर के अनुसार सोलन और परवाणू मंडियों में इस सीजन अब तक सेब की आवक पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम रही है।
रोहड़ू क्षेत्र के बागवान बंटी ने बताया कि मौसम की मार के कारण इस वर्ष उनके क्षेत्र में सेब की पैदावार प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि वह रॉयल किस्म की करीब 100 से 102 पेटियां सोलन मंडी लेकर पहुंचे हैं। क्षेत्र में पारंपरिक किस्मों के साथ गाला और किंग रमैन जैसी नई किस्मों की ओर भी बागवान रुख कर रहे हैं।
वहीं, घटी देवठी निवासी बागवान नरेंद्र सिंह ने मंडी के मौजूदा कारोबार को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने बताया कि अब तक वह करीब 250 क्रेट सेब बेच चुके हैं, लेकिन इस बार उन्हें 200 से 400 रुपये प्रति क्रेट तक के दाम मिले हैं। नरेंद्र सिंह के अनुसार, सेब उत्पादन में दवाइयों, छिड़काव और अन्य कृषि कार्यों की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कम दाम मिलने से बागवानों के लिए उत्पादन लागत निकालना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार शुरुआत से ही बाजार की स्थिति कमजोर महसूस हुई है, जिससे कई बागवानों को आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है और दवाइयों सहित अन्य खर्चों की देनदारियां बढ़ रही हैं।
एपीएमसी चेयरमैन रोशन ठाकुर के अनुसार मंडियों में अच्छी गुणवत्ता और बेहतर ग्रेडिंग वाले सेब को शुरुआत से ही अच्छे दाम मिल रहे हैं। उन्होंने बागवानों से गुणवत्ता, पैकिंग और ग्रेडिंग पर विशेष ध्यान देने की अपील की है।

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