सोलन सब्जी मंडी में इन दिनों हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों से सेब की आवक जारी है। रोहडू और करसोग से मंडी पहुंचे बागवानों ने इस वर्ष की फसल, गुणवत्ता और बाजार की स्थिति को लेकर अपने अनुभव साझा किए।
रोहडू तहसील के क्रसवाली निवासी एवं सेवानिवृत्त सेना जवान बागवान राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि वे वर्ष 1978 से मंडियों में सेब ला रहे हैं। इस बार उन्होंने 159 पेटियां सेब सोलन मंडी पहुंचाईं। उनके सेब को 800 रुपये के भाव मिले, जबकि नाशपाती के हाफ बॉक्स 1000 रुपये में बिके। उन्होंने बताया कि वे अब रासायनिक खेती के साथ-साथ जैविक खेती को भी बढ़ावा दे रहे हैं। उनके बगीचे में रेड गोल्डन, ग्रैनी स्मिथ, गोल्डन और गाला सहित कई किस्मों के सेब तैयार किए जा रहे हैं।
वहीं, करसोग के चिराग निवासी निखिल वर्मा 143 पेटियां सेब लेकर सोलन मंडी पहुंचे। इनमें 134 पेटियां ए-वन ग्रेड की थीं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सेब की फसल सीमित रहने के बावजूद अच्छी गुणवत्ता वाले सेब तैयार हुए हैं। उनके रॉयल डिलीशियस सेब को करीब 2000 रुपये प्रति बॉक्स का भाव मिला।
निखिल वर्मा ने बताया कि बागवान आधुनिक इटैलियन और अमेरिकन स्पर वैरायटी समेत नई किस्मों पर भी काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर गुणवत्ता, सही ग्रेडिंग और उचित पैकेजिंग से बागवानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।
बागवानों ने मंडी व्यवस्था को लेकर अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सेब की गुणवत्ता और पैकिंग पर विशेष ध्यान देना समय की आवश्यकता है।