सोलन : सेब के दाम गिरे, लागत निकालना भी मुश्किल , बागवानों की बढ़ी चिंता

सोलन मंडी समेत प्रदेश की अन्य मंडियों में सेब के दामों में आई भारी गिरावट ने बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। इस बार फसल कम होने के बावजूद बाजार में अपेक्षित दाम नहीं मिलने से बागवानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। रोहडू के क्रसवाली निवासी राजेंद्र सिंह चौहान और करसोग के चिराग निवासी निखिल वर्मा ने मंडी के मौजूदा हालात पर चिंता जताई।
राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि वह 159 पेटियां सेब मंडी लेकर आए थे, जिनका भाव करीब 800 रुपये रहा। उन्होंने कहा कि शुरुआत में खराब और कच्चे माल के भी बेहतर दाम मिले, लेकिन अब अच्छी गुणवत्ता के सेब के भाव में गिरावट आ गई है। इससे बागवानों के लिए लागत निकालना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि वह अब रासायनिक खेती छोड़ जैविक खेती की ओर बढ़ रहे हैं।
वहीं, निखिल वर्मा 143 पेटियां सेब लेकर मंडी पहुंचे, जिनमें 134 पेटियां ए-वन ग्रेड की थीं। इसके बावजूद उन्हें रॉयल डिलीशियस सेब का करीब 2000 रुपये प्रति पेटी भाव मिला। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में सेब 3000 से 3500 रुपये तक बिका, लेकिन अब भाव 1500 से 2000 रुपये तक सिमट गए हैं।
निखिल के अनुसार एक पेटी पर मजदूरी और पैकेजिंग का खर्च ही 400 से 500 रुपये तक आता है। इसके अलावा खाद, दवाइयों और कटिंग का खर्च अलग है। ऐसे में कम भाव पर सेब बेचने से बागवानों को पर्याप्त आमदनी नहीं हो रही है।
उन्होंने यूनिवर्सल ग्रेडिंग नियमों की अनदेखी पर भी चिंता जताई। पांच लेयर की पेटी में निर्धारित मात्रा से अधिक सेब भरने से रास्ते में पेटियां फटने और सेब खराब होने का खतरा बढ़ रहा है। बागवानों ने सरकार और संबंधित विभाग से मंडी व्यवस्था में सुधार और उचित दाम सुनिश्चित करने की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *