सोलन मंडी में इन दिनों सब्जियों के भाव में गुणवत्ता के आधार पर बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। मंडी के दुकानदार राकेश शर्मा ने बताया कि शिमला मिर्च की अच्छी गुणवत्ता वाली फसल को 18 से 25-26 रुपये प्रति किलो तक भाव मिल रहा है, जबकि बासी और थ्रिप्स प्रभावित माल 5 से 11 रुपये किलो में बिक रहा है।
राकेश शर्मा के अनुसार, 48 से 72 घंटे पहले तोड़ी गई शिमला मिर्च की गुणवत्ता तेजी से प्रभावित होती है। सांगली से रांची तक विभिन्न मंडियों में प्रतिस्पर्धा के कारण खराब गुणवत्ता वाली सब्जी को बाजार में खपाना मुश्किल हो रहा है। कई बार खराब माल को डंपर में फेंकने तक की नौबत आ जाती है।
वहीं टमाटर के बाजार में फिलहाल बेहतर स्थिति बनी हुई है। साफ मौसम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों से आने वाली नई अगेती फसल के चलते टमाटर के भाव 400 से 720 रुपये तक पहुंच रहे हैं। मंडी में बेहतर गुणवत्ता के टमाटर को अच्छा भाव मिल रहा है।
फराशबीन का भाव करीब 64 रुपये किलो बताया जा रहा है। राकेश शर्मा ने किसानों से सब्जियों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसान जिस खराब या काली सब्जी को खुद खाने योग्य नहीं समझते, उसे बाजार में उपभोक्ताओं के लिए नहीं भेजना चाहिए।
उन्होंने बताया कि दिल्ली और लुधियाना के व्यापारियों की ओर से हिमाचल की सब्जियों में ग्रेडिंग और वजन की कमी की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर बाजार के लिए किसानों को फसल की सही ग्रेडिंग और वजन सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि “कभी चांदी का सोना नहीं बनेगा, लेकिन उसे भी ग्रेड करना जरूरी है।