भारतीय जनता पार्टी सोलन शहरी मंडल के अध्यक्ष शैलेन्द्र गुप्ता ने प्रदेश सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि हिमाचल की स्वास्थ्य व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अस्पतालों के उद्घाटन और प्रचार में व्यस्त है, जबकि मरीज डॉक्टरों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सों और तकनीकी कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे हैं।
शैलेन्द्र गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2022 में हिमाचल स्वास्थ्य सेवाओं की रैंकिंग में अग्रणी राज्यों में शामिल था, लेकिन अब प्रदेश की स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई है, बावजूद इसके अस्पतालों में आवश्यक सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बनी हुई है।
उन्होंने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश के कई अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ के पद रिक्त हैं। कई सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विशेषज्ञ चिकित्सकों के बिना संचालित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
भाजपा मंडल अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कई अस्पतालों में आधुनिक मशीनें तो उपलब्ध हैं, लेकिन उन्हें संचालित करने के लिए तकनीकी स्टाफ नहीं है। जिला अस्पतालों में मरीजों को पर्ची, जांच और रिपोर्ट के लिए घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ता है, जिससे गंभीर मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।
उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि डॉक्टरों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सों और तकनीकी कर्मचारियों के सभी रिक्त पद शीघ्र भरे जाएं तथा जिला अस्पतालों की व्यवस्थाओं को आधुनिक और जवाबदेह बनाया जाए, ताकि लोगों को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।