सोलन फल मंडी में सेब सीजन ने रफ्तार पकड़ ली है। शिमला जिले के कोटखाई क्षेत्र से बड़ी संख्या में बागवान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं। बागवानों का कहना है कि इस वर्ष मौसम की चुनौतियों के बावजूद अच्छी गुणवत्ता वाले सेब को बाजार में संतोषजनक दाम मिल रहे हैं। साथ ही उन्होंने अन्य बागवानों से केवल पूरी तरह तैयार और गुणवत्तायुक्त सेब ही मंडी में लाने की अपील की है।
कोटखाई के ग्राम थाना निवासी बागवान ज्ञान वर्मा (पाम) ने बताया कि वह 31 जुलाई को अपनी ‘रेड गोल्ड’ किस्म का सेब सोलन मंडी लेकर पहुंचे। उनका माल 40 रुपये प्रति किलो के भाव से बिका, जिससे वह संतुष्ट हैं। उन्होंने बताया कि उनके बगीचे में रॉयल डिलीशियस सहित अन्य किस्मों की फसल भी तैयार है, जिसे जल्द मंडी में लाया जाएगा।
ग्राम चौगन के बागवान देवेंद्र जसटा ने बताया कि वह रेड डिलीशियस और गाला किस्म के सेब लेकर सोलन मंडी पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि बाजार की स्थिति फिलहाल संतोषजनक है, लेकिन बागवानों को जल्दबाजी में कच्चा या हल्का माल मंडी में नहीं लाना चाहिए। ऐसा करने से बाजार प्रभावित होता है और सभी उत्पादकों को नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि कश्मीर से गाला और नाशपाती की अधिक आवक के कारण दिल्ली सहित कई मंडियों में कीमतों में 200 से 400 रुपये तक की गिरावट आई है। ऐसे में बेहतर गुणवत्ता वाला सेब ही अच्छे दाम दिला सकता है।
चौगन के ही बागवान इक्ष्वाकु जस्ता ने बताया कि उनके बगीचे में गाला, रेड डिलीशियस सहित करीब 39 किस्मों के सेब और अन्य स्टोन फ्रूट्स उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रतिकूल मौसम के कारण उत्पादन कम हुआ है, लेकिन इसी वजह से बाजार में अच्छी कीमतें मिल रही हैं। उन्होंने सोलन मंडी में मिल रहे भावों पर संतोष जताते हुए उम्मीद जताई कि गुणवत्ता बनाए रखने पर बागवानों को आगे भी अच्छे दाम मिलते रहेंगे।
सोलन मंडी में कोटखाई के सेब की दस्तक, बागवान बोले- गुणवत्ता वाला माल ही दिलाएगा बेहतर दाम