श्रावण मास के शुभ अवसर पर सनातन धर्म मंदिर सोलन में भगवान शिव की विशेष आराधना और रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाएगा। मंदिर के पुजारी हेमराज शर्मा ने बताया कि श्रावण मास भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता पार्वती ने इसी माह में भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी, जिसके कारण इस मास का विशेष महत्व है।
हेमराज शर्मा ने बताया कि श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को श्रद्धापूर्वक रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से भोलेनाथ की आराधना करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि का वास होता है। भगवान शिव की पूजा केवल व्यक्तिगत कल्याण ही नहीं, बल्कि समस्त विश्व में शांति और मंगल की कामना का भी प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि मंदिर में प्रत्येक सोमवार को विशेष रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा सावन शिवरात्रि के अवसर पर सायं 7:15 बजे विशेष रुद्राभिषेक एवं पूजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस पावन अवसर पर भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की जाएगी।
पुजारी हेमराज शर्मा ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में मंदिर पहुंचकर रुद्राभिषेक में भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महाकाल की कृपा से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख, शांति तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
सोलन : श्रावण मास में रुद्राभिषेक का विशेष महत्व, सनातन धर्म मंदिर में होंगे विशेष धार्मिक अनुष्ठान