सोलन कॉलेज परिसर में शुक्रवार को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू की। संगठन के पदाधिकारियों और छात्रों ने प्रदर्शन कर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
एसएफआई अध्यक्ष रोहित वर्धान ने कहा कि देशभर में नीट पेपर लीक को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में कई भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।
एसएफआई के राज्य उपाध्यक्ष नावेद आलम ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था संस्थागत उदासीनता और व्यवस्थागत विफलता का शिकार हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और बढ़ते मानसिक दबाव के कारण छात्र गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
संगठन ने 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की भी निंदा की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
एसएफआई ने मांग की कि एनटीए को भंग कर नई पारदर्शी परीक्षा एजेंसी गठित की जाए, शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगाई जाए और छात्रों से जुड़े मामलों में सरकार जवाबदेही तय करे। संगठन ने कहा कि सोलन कॉलेज में शुरू हुई 24 घंटे की भूख हड़ताल शनिवार दोपहर 12 बजे समाप्त होगी। साथ ही चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
बाइट: रोहित वर्धान, अध्यक्ष, एसएफआई सोलन / नावेद आलम, राज्य उपाध्यक्ष, एसएफआई हिमाचल प्रदेश
सोलन कॉलेज में एसएफआई की 24 घंटे की भूख हड़ताल, एनटीए भंग करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग