हिमाचल सरकार के नशा विरोधी विशेष अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग सोलन जिले में जागरूकता गतिविधियां चला रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक ने कहा कि युवाओं को नशे, विशेषकर चिट्टा जैसे घातक नशों से बचाने के लिए स्कूल स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक वह स्वयं जिले के चार विद्यालयों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक कर चुके हैं।
डॉ. पाठक ने कहा कि नशा किसी प्रकार का आनंद नहीं, बल्कि एक छलावा है, जो व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर बना देता है। उन्होंने बताया कि नशे की लत लगने के बाद व्यक्ति सामान्य महसूस करने के लिए भी नशे पर निर्भर हो जाता है।
सीएमओ ने कहा कि सिगरेट और शराब को ‘गेटवे ड्रग्स’ माना जाता है, जो युवाओं को धीरे-धीरे चिट्टा जैसे घातक नशों की ओर धकेलते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि तंबाकू और शराब का सेवन कैंसर, हृदय रोग, लकवा तथा अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। सिगरेट और शराब का एक साथ सेवन गले के कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ा देता है।
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के व्यवहार पर नजर रखने की अपील की। यदि बच्चा देर से घर आ रहा है, पढ़ाई से ध्यान भटक रहा है या उसके व्यवहार में अचानक बदलाव आ रहा है, तो इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
सोलन : नशा युवाओं को विनाश की ओर ले जाता है, अभिभावक बच्चों पर रखें नजर : डॉ. अजय पाठक
डॉ. पाठक ने बताया कि नशे की लत से जूझ रहे युवाओं के परामर्श और उपचार के लिए जिले के सभी सिविल अस्पतालों में ‘नई दिशा’ केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां विशेषज्ञों द्वारा काउंसलिंग और उपचार की सुविधा उपलब्ध है।