जहां एक ओर समाज में खोया हुआ सामान वापस मिलने की उम्मीद बेहद कम रह गई है, वहीं सोलन उपायुक्त कार्यालय में कार्यरत चौकीदार प्रकाश ने ईमानदारी की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर ओर सराहना हो रही है। सुल्तानपुर ग्राम पंचायत के उप-प्रधान जीत राम ठाकुर किसी कार्य से डीसी कार्यालय आए थे। इस दौरान पहली मंजिल पर टाइपिंग करवाते समय वे अपना बैग वहीं भूल गए। शाम को घर पहुंचने पर जब उन्हें बैग के गायब होने का पता चला तो उनकी चिंता बढ़ गई, क्योंकि बैग में करीब 24 हजार रुपये नकद और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद थे।
इधर, कार्यालय बंद करने के दौरान चौकीदार प्रकाश को यह बैग मिला। बैग की जांच करने पर उसमें नकदी और जरूरी दस्तावेज पाए गए। प्रकाश ने बिना किसी लालच के बैग के असली मालिक का पता लगाने का प्रयास शुरू किया और दस्तावेजों के आधार पर संपर्क साधा। आखिरकार जीत राम ठाकुर को सूचना दी गई कि उनका बैग सुरक्षित है। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बैग उसके मालिक को सौंप दिया गया। अपना बैग और पूरी राशि सुरक्षित पाकर जीत राम ठाकुर ने राहत व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें बैग मिलने की कोई उम्मीद नहीं थी, लेकिन प्रकाश की ईमानदारी ने उनका विश्वास फिर से जगा दिया। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए प्रकाश को 5,100 रुपये का नकद इनाम भी दिया।
प्रकाश ने कहा कि ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है और हर व्यक्ति को दूसरों की वस्तु को सुरक्षित लौटाने का प्रयास करना चाहिए। यह घटना साबित करती है कि आज भी समाज में ऐसे लोग मौजूद हैं जिनकी पहचान उनके पद से नहीं, बल्कि उनके चरित्र और ईमानदारी से होती है।