सोलन: करोड़ों रुपये खर्च कर बनाया गया 11 लाख लीटर क्षमता का जल भंडारण टैंक अब सोलन में राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है। भाजपा शहरी अध्यक्ष शैलेन्द्र गुप्ता ने इस परियोजना को सरकार की विफलता और जनता के साथ धोखे का प्रतीक बताते हुए आरोप लगाया है कि लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित टैंक का उद्घाटन तो 11 अप्रैल 2026 को बड़े धूमधाम से कर दिया गया, लेकिन आज तक इससे जनता को एक बूंद पानी भी नसीब नहीं हुई। गुप्ता का कहना है कि सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि टैंक में पानी भरने की व्यवस्था तो है, लेकिन वहां से पानी वितरण के लिए जरूरी आउटलेट कनेक्शन ही नहीं लगाए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब परियोजना अधूरी थी तो उद्घाटन किस उपलब्धि का किया गया? उनके अनुसार उद्घाटन के दिन केवल फोटो खिंचवाने और विकास का भ्रम पैदा करने के लिए टैंक में पानी दिखाया गया, जबकि वास्तविकता यह है कि महीनों बाद भी यह टैंक जनता के किसी काम नहीं आ रहा।
शैलेन्द्र गुप्ता ने इस पूरे मामले को “वित्तीय अपराध” करार देते हुए कहा कि केंद्र सरकार के धन से बनी परियोजना का इस तरह उपयोग न होना गंभीर जांच का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की प्यास बुझाने के बजाय अधूरी योजना को राजनीतिक प्रचार का माध्यम बनाया गया। गुप्ता ने मांग की कि पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए और यदि सरकारी धन के दुरुपयोग, लापरवाही या जनता को गुमराह करने के तथ्य सामने आते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि सोलन की जनता अब जवाब चाहती है कि आखिर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद टैंक खाली क्यों खड़ा है और क्या यह परियोजना वास्तव में पेयजल समस्या के समाधान के लिए बनाई गई थी या फिर केवल उद्घाटन और राजनीतिक वाहवाही के लिए। अब निगाहें सरकार और जल शक्ति विभाग पर टिकी हैं कि वे इन गंभीर आरोपों पर क्या जवाब देते हैं।
1 करोड़ का ‘सूखा टैंक’! भाजपा नेता शैलेन्द्र गुप्ता का हमला— “यह विकास नहीं, जनता के पैसे की बर्बादी और वित्तीय अपराध है